कहते हैं “नयी-नयी आँख हो तो हर मंजर अच्छा लगता है, बहुत घूमा शहर, अब तो घर ही अच्छा लगता है ”। इंसान पूरी दुनिया में कहीं भी घूम लें लेकिन उसे शांति तो अपने घर में आकर ही मिलती है लेकिन आपने कई लोग ऐसे भी देखे होंगे जो कहते हैं घर काटने को दौड़ता है।

क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है ?

चाहे गाड़ी हो या मोबाईल या फिर कपडे़ पसंद नहीं आने पर या अच्छे नहीं होने पर आप इन्हें बदल सकते हो या नया खरीद लेते हो लेकिन घर ऐसी ऐसेट है जिसे बार -बार खरीदा या बनाया नहीं जा सकता । घर से परिवार के हर सदस्य का भावनात्मक जुड़ाव होता है और घर ही होता है जो परिवार के हर सदस्य को जोड़े रखता है लेकिन इस घर में परिवार के सदस्यों का मन नहीं लगता तो इसका बड़ा कारण इंटीरियर हो सकता है।

चाहे घर नया हो या पुराना इसे सुन्दर बनाने और इसकी सुन्दरता बढ़ाने में इंटीरियर सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए घर के इंटीरियर पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ।

कई लोगों को ऐसा लगता है कि इंटीरियर का काम करने में वे खुद सक्षम है और अपनी मन की डिजाईन पर काम करवा लेंगे लेकिन इसके परिणाम अच्छे ही आएं जरूरी नहीं क्योंकि इस काम में बारिकी और कुशलता की आवश्यकता होती है जो उनके पास नहीं होती है। आपने कई ऐसे घर भी देखे होंगे जिन्होंने अपने स्तर पर इंटीरियर का काम कर लिया, ऐसे घरों का इंटीरियर कभी भी मन को लुभाने वाला नहीं हो सकता ।

इंटीरियर क्यों जरूरी – पिछले कुछ वर्षों में आंतरिक सज्जा यानि इंटीरियर के काम को काफी पहचान मिली है क्यांेकि ग्राहकों को इसका फायदा मिलने लगा है। इंटीरियर के काम में सिर्फ रंग और फर्नीचर काफी नहीं होता है इसमें नक्शा, टोटल स्पेस, घर में रहने वाले लोगों की संख्या, कलर काॅम्बिनेशन, मार्केट टेªण्ड और ड्यूरेबिलिटी भी जरूरी है इस काम में पेशेवरों की जरूरत के कारण इंटीरियर डिजाईनर्स की मांग बढ़ रही है।

उदयपुर में भारत इंटीरियर – भारत इंटीरियर अपने ग्राहक की मांग और बजट को ध्यान में रखकर बेहतरीन डिजाईन्स और इंटीरियर वर्क प्रोवाईड करता है इस कारण आज उदयपुर के टाॅप इंटीरियर डिजाईनर्स में भारत इंटीरियर शुमार है। इंटीरियर के अलावा सिविल डिजाईनिंग कार्य मंे भारत इंटीरियर की निपुण है।

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